जलाकर मुझको
वो चैन से ना सोये होंगे
कि मेरे चाहने बाले
लिपटकर मेरी खाक से
वो रोये होंगे।
जिन आँखों को नागवार थी
मेरी धुँधली सी सूरत
मातम में मेरे वो भी आये होंगे
और देखना ये कितना
दिलचस्प रहा होगा
की छिपाकर मुस्कान वो मन की
आँसू बहाए होंगे।
पढ़े होंगे कुछ अफसाने मेरी जिंदगी के
कुछ मिसरे मेरी तारीफ में भी गाए होंगे।

@ThePoetryHouse

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