जुर्म अगर मेरे हैं
तो हर इल्ज़ाम भी आये मेरे हिस्से
तुम वक्त को भी इतना मजबूर कर दो
कि दाग भी आये तुम्हारे दामन
इससे पहले
तुम मेरी बेबफाई मशहूर कर दो
और जला दो मिरे हर तोहफे को तुम
जो आह भी ना सुन सकूँ मैं खुद की
मुझे भी मुझसे इतना दूर कर दो।
@ThePoetryHouse

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