वो खूबसूरत दिन..

तुम मिले तो दिल गुलज़ार
और लब खिल गए,
ख़ामोश आँखों को जैसे
नए ख्वाव मिल गए।
शुक्र गुजार हूँ उस खुदा का
जो एक खूबसूरत से दिन
तुम्हें इस जमीं पे ला दिया,
मिलाकर मुझको जो तुमसे
मेरा हर ख़्वाब
मुकम्मल बना दिया।
चेहरे पर तुम्हारे तबस्सुम
बरकरार बस यूं ही रहे,
चाँदनी भी गुनगुनाये
गीत ख़ुशियों के
चाँद भी मुस्कुराता रहे।

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